Puruṣasūktabhāṣyasaṅgrahaḥ

Voorkant
Śivaśaṅkara Avasthī
Caukhambā Vidyābhavana, 1994 - 366 pagina's
Commentaries on Puruṣasūkta, philosophical portion of R̥gveda.

Vanuit het boek

Inhoudsopgave

Gedeelte 1
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Gedeelte 2
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Gedeelte 3
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Veelvoorkomende woorden en zinsdelen

१० अ० अग्नि अजायत अतः अत्र अथ अथर्ववेद अथवा अर्थात् अस्य आदि इति इत्यर्थः इन्द्र इस इस प्रकार उत्पन्न उल्लेख ऋ० ऋग्वेद एक एवं ऐसा और करता है करते हैं करने कहते कहा गया है का का अर्थ किया है की कृत्वा के के रूप में को गायत्री जगत् जज्ञिरे जाता है जो तं ततः ततो तत्र तथा तस्मात् तस्य तु ते तेन था थे देव देवता देवाः देवों द्वारा नहीं नाम नामक ने पर पशु पा० पुराण पुरुष पुरुषसूक्त पुरुषस्य पूर्व पृथिवी प्रस्तुत प्राण ब्रह्म ब्रा० ब्राह्मण भवति भाष्य भूमि मनु मन्त्र मिलता है में यजुर्वेद यज्ञ यत् यथा यद्वा यह यहाँ या ये लिखा है वह वा वायु विराट् विष्णु वे वेद वै व्याख्या श० शब्द शौनक सर्वं संस्कृत सहस्रशीर्षा साध्याः सायण सूक्त सूत्र सूर्य से हि ही हुआ हुए हे है कि हो होता है

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